पंचकूला में 1 साल के बच्चे की अपहरण के बाद हत्या; सुखोंमाजरी बाईपास से बोरी में मिला शव; मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा; हत्यारोपी गिफ्तार
One-Year-Old Child was Kidnapped and Murdered in Panchkula
अर्थ प्रकाश संवाददाता
पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में दिन दहाड़े सेक्टर 12 ए स्थित एक क्रैच से एक साल के बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। शनिवार रात को पुलिस ने बच्चे रिवांश का शव पिंजौर के नजदीक सुखोंमाजरी बाईपास के नजदीक एक बोरी में से बरामद किया। पुलिस ने हत्यारोपी पिंजौर के गोपाल को गिरफ्तार किया, जो क्रैच में आया महिला कर्मी रंजना को खुद को बच्चे का बाप रवि बताकर उसे लेकर चला गया। पुलिस अब बच्चे की मां से भी पूछताछ कर रही है। मामला प्रेम प्रसंग से जोड़ कर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस ने पड़ताल के दौरान मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरे की भी जांच की, जिसमें एक 35 साल का शख्स बच्चे को गोद में उठाए जाता हुआ दिखा। इस फुटेज के आधार पर पंचकूला पुलिस इंटरस्टेट पुलिस को बच्चे के अपहरण की सूचना देने के बाद बोर्डरों को सील कर बच्चे की तलाश में जुट गई।
प्राप्त जानकारी के मुबारकपुर निसार रवि ने मौके पर मीडिया को बताया कि उसके बेटे का नाम रिवांश है और एक साल का है। दो दिन पहले ही उसका पहला जन्मदिन धूमधाम से मनाया था। उसकी पत्नी सुबह दवाई लेने के लिए निकली थी। करीब 10.30 बजे बेटे को लेकर क्रैच पहुंची। वहां बेटे को छोड़ कर चली गई। इतने में क्रैच कर्मियों ने पत्नी से संपर्क किया तो उसका फोन बंद आ रहा था। कुछ देर के बाद फिर फोन मिलाया तो पत्नी से उनकी बात हुई। कर्मियों ने कहा कि आपका फोन बंद आ रहा था। यह सुन कर पत्नी ने महिला कर्मी से पूछा कि बेटा ठीक है रो तो नहीं रहा। महिला ने बताया कहा कि एक युवक क्रैच में आया और खुद को बाप बताने के बाद बच्चे का नाम लेकर उसे अपने साथ ले गया। तब पत्नी ने कहा कि उसके पति तो काम पर गए हैं। इतना पता लगते ही उसकी पत्नी कुछ ही देर बाद क्रैच पहुंची और बेटे के अपहरण होने का खुलासा हुआ। रवि ने कहा कि पुलिस को बेटे के अपहरण की सूचना दी गई। सीआईए और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंची और इलाके को सील कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस की टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कालका, जीरकपुर, समेत चंडीगढ़, मौलीजगरा समेत कई बॉर्डर पर पड़ताल जारी रखे हुए थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि रिवानाश की मां और गोपाल के बीच इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। पुलिस रंजना से इस लापरवाही के बारे पूछताछ कर रही है। उसने बिना पहचान के कैसे बच्चे को सौंप दिया।